यह कहानी "सात रंग के सपने" में प्रज्ञा की चिंता और समाज के विवाह संबंधी अपेक्षाओं के बारे में है। प्रज्ञा अपनी बेटी सोनम की शादी को लेकर चिंतित है, जबकि अन्य महिलाएं उसे समझाने की कोशिश कर रही हैं कि सोनम अभी छोटी है और पढ़ाई करना भी महत्वपूर्ण है। प्रज्ञा का मानना है कि शादी करके जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाएगी। किट्टी में, नीला अपने बेटे का रिश्ता सावित्री की सुंदर बेटी नंदिनी से करना चाहती है और इसके लिए मदद मांगती है। सावित्री, जो घर में काम करती है, अपनी बेटी की पढ़ाई को लेकर चिंतित है। उसके पति नंदिनी की शादी जल्दी करने के लिए दबाव डाल रहे हैं, हालांकि नंदिनी अभी कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। कहानी इस सामाजिक दबाव और महिलाओं के बीच पढ़ाई और विवाह के महत्व के संघर्ष को दर्शाती है। सात रंग के सपने Madhu Sharma Katiha द्वारा हिंदी लघुकथा 7k 3.5k Downloads 11.4k Views Writen by Madhu Sharma Katiha Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बेटियों की पढाई -लिखाई को लेकर माता-पिता की मानसिकता More Likes This दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी