कहानी "प्रतिरोध / सेवा" में दिवाकर, जो एक बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता है, ने एक संगठित सामूहिक बलात्कार की घटना के बारे में कहानी सुनाई। यह घटना बिहार के भोजपुर जिले के एक गांव में हुई, जहाँ सामंतों ने दलित महिलाओं के साथ बर्बरता की। दिवाकर ने घटना की जानकारी के लिए गांव का दौरा किया, लेकिन वहाँ के सामंतों ने दहशत फैलाकर उसे और उसके साथियों को रोकने की कोशिश की। कथा-पाठ के दौरान, दिवाकर का फोन बजता है, जिससे उसे पता चलता है कि उसकी पत्नी बेहोश हो गई है और अस्पताल में भर्ती है। जब वह घर पहुँचता है, तो उसे पता चलता है कि उसका छोटा भाई उसकी पत्नी के साथ दुव्र्यवहार कर चुका है। दिवाकर के माता-पिता घर पर नहीं थे, और वह इस स्थिति से गहरे सदमे में है। उसके पिता उसे सलाह देते हैं कि वह अपनी पत्नी को मायके भेज दे ताकि मामला बढ़ न सके। दिवाकर, जो पहले दलित महिलाओं के हक के लिए आवाज उठाने वाला था, अब खुद को खामोश और असहाय महसूस करता है। वह अपने दोस्तों और पड़ोसियों की अजीब निगाहों का सामना कर रहा है और धीरे-धीरे समाज से दूर होता जा रहा है। उसकी पहचान और साहस, जो पहले उसकी ताकत थे, अब उसे एक आंतरिक संघर्ष के दौर में डाल देते हैं। कहानी इस सामाजिक और व्यक्तिगत द्वंद्व को उजागर करती है कि कैसे एक व्यक्ति के साथ घटित होने वाली निजी त्रासदी उसके सामाजिक सक्रियता को प्रभावित कर सकती है। प्रतिरोध सेवा Sanjay Kumar द्वारा हिंदी लघुकथा 4.5k 1.9k Downloads 7.3k Views Writen by Sanjay Kumar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रतिरोध सेवा .....समाज का एक आईना है । प्रतिरोध जहां एक व्यक्ति समाज में व्याप्त कुव्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाता है वही अपने घर में वह लड़ नहीं पाता ....दिवाकर समाज में संघर्ष की बात करता है लेकिन जब घर की बात आती है तो खामोश हो जाता है ...दिवाकर की पत्नी जब लड़ाई शुरू करती है तब वह सामने आता है ॥ वहीं सेवा आज के समाज का साफ आईना है जहां आज भी बाप अपने बच्चे के प्रति साफ सोच रखता है । More Likes This प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar डायरी का वो आखरी पन्ना - 4 द्वारा Std Maurya कहानी में छुपी एक सन्देश - 1 द्वारा Std Maurya मेरे समाज में ऐसा क्यों होता हैं - भाग 1 द्वारा Std Maurya ऐसे ही क्यों होता हैं? - 1 द्वारा Std Maurya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी