यह कहानी एक छोटी बच्ची, देवांगना, के अपहरण की है। रात के समय, एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे उठाया और उसे एक कार में डाल दिया। सुबह, जब उसकी माँ ने उसे चाय के लिए उठाने की कोशिश की, तब परिवार को यह पता चला कि देवांगना गायब है। खोजबीन के बाद, परिवार ने पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस की कार्रवाई सुस्त थी। कई दिनों बाद, जब मामला मीडिया में आया, तब पुलिस ने सक्रियता दिखाई और कुछ गिरफ्तारियां कीं। लेकिन जब एक संदिग्ध ने अपना जुर्म कबूल किया, तब यह पता चला कि देवांगना को मार दिया गया था। अधिकारी ने संदिग्ध से सच्चाई जानने की कोशिश की, लेकिन वह डर के मारे झूठ बोलता रहा। कहानी का अंत तनावपूर्ण है, जिसमें पुलिस की कार्यशैली और अपहरण के मामले की जटिलता को दर्शाया गया है। अपहरण Sonu Kasana द्वारा हिंदी नाटक 22.7k 3.9k Downloads 14.8k Views Writen by Sonu Kasana Category नाटक पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पढ़ कर सोचना। क्या यह सच नही है? क्या हमारे जीवन में रोज ऐसी घटनाऐं देखने को नही मिलती? More Likes This अनकहा जुनूँ - 1 द्वारा Priya Chaudhary पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 4 द्वारा Sonam Brijwasi फुटपाथिया - 1 द्वारा Dr. Suryapal Singh तनुदा का अपहरण - प्रस्तावना द्वारा Dr. Suryapal Singh नशा - 1 द्वारा Dr. Suryapal Singh उन्हें नींद नहीं आती-1-I द्वारा Dr. Suryapal Singh दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 1 द्वारा Praveen Kumrawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी