"गोदान" के भाग 24 में, होरी अपनी बेटी सोना के विवाह की चिंता में है, जो अब सत्रह वर्ष की हो गई है। वह पिछले दो वर्षों से इस समस्या को लेकर चिंतित है, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण विवाह नहीं कर पा रहा है। धनिया, होरी की पत्नी, का मानना है कि विवाह के लिए दो-ढाई सौ रुपये खर्च होंगे, जो उनके लिए जुटाना कठिन है। पिछले वर्ष की फसल भी खराब रही थी, लेकिन इस वर्ष फसल अच्छी है, जिससे कुछ उम्मीदें जगी हैं। होरी गोबर से पैसे मांगने का प्रस्ताव रखता है, लेकिन धनिया गोबर के कठोर शब्दों को याद करते हुए मदद लेने से इंकार कर देती है। धनिया का यह कहना है कि अगर गोबर परदेश में नहीं गया होता, तो उन्हें खुद ही काम करना पड़ता। होरी अपनी कुल-मर्यादा को बनाए रखने की बात करता है और यह सोचता है कि वह अपनी जमीन बेचना नहीं चाहता। कई दिन इसी उहापोह में निकल जाते हैं, और फिर दशहरे की छुट्टियों में कुछ युवक घर आते हैं, जो पढ़ाई में पिछड़ गए हैं और अब शादियाँ कर चुके हैं। यह सब मिलकर होरी की मानसिकता को और कठिन बना देता है, क्योंकि वह खुद को और अपने परिवार की स्थिति को लेकर चिंतित है। गोदान भाग 24 Munshi Premchand द्वारा हिंदी लघुकथा 8.4k 3.1k Downloads 10.2k Views Writen by Munshi Premchand Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गोदान हिंदी के उपन्यास-साहित्य के विकास का उज्वलतम प्रकाशस्तंभ है। गोदान के नायक और नायिका होरी और धनिया के परिवार के रूप में हम भारत की एक विशेष संस्कृति को सजीव और साकार पाते हैं, ऐसी संस्कृति जो अब समाप्त हो रही है या हो जाने को है, फिर भी जिसमें भारत की मिट्टी की सोंधी सुबास भरी है। प्रेमचंद ने इसे अमर बना दिया है। होरी का मनाना है कि जिसके पास जमीन नहीं वह गृह्स्थ नहीं ” अपने भाइयों से और फिर अपने बेटे गोबर से अलगोझे का आघात भी उस जैसे मरजाद पालक के लिए बहुत बड़ा आघात है । Novels गोदान गोदान हिंदी के उपन्यास-साहित्य के विकास का उज्वलतम प्रकाशस्तंभ है। गोदान के नायक और नायिका होरी और धनिया के परिवार के रूप में हम भारत की एक विशेष संस्... More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी