इस कहानी में तीन बुजुर्ग फत्तन, पल्टू और लछमन लाल किले की यात्रा पर जाते हैं, लेकिन वे अपने गाँव का नाम और बस का नंबर भूल जाते हैं। एक व्यक्ति उन्हें अपने घर पर रुकने का आमंत्रण देता है, लेकिन जब वे उसके गधे को बाहर निकालते हैं, तो वह दरवाजा बंद कर देता है और उन्हें धोखा दे देता है। अब वे गधे को वहीं छोड़कर जाने लगते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें रोकती है और गधे को उठाने के लिए मजबूर करती है। पूरी रात वे उस मरे हुए गधे को खींचते हुए गुजरते हैं, जबकि सुबह तक उन्हें गाँव का नाम याद नहीं आता। यह कहानी धोखे और परेशानियों से भरी हुई है। मरा हुआ गधा Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 51k 1.8k Downloads 13.8k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण लोग किस तरह से मजबूरी और सीधेपन का फाइदा उठाने से भी नहीं चूकते More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी