<html> <body> <p><br /></p> <p>खिड़की</p> <p>चंद्रमोहन प्रधान</p> <p><br /></p> <p>© COPYRIGHTS</p> <p>This book is copyrighted content of the concerned author as well as NicheTech / Gujarati Pride.</p> <p>Gujarati Pride / NicheTech has exclusive digital publishing rights of this book.</p> <p>Any illegal copies in physical or digital format are strictly prohibited.</p> <p>NicheTech / Gujarati Pride can challenge such illegal distribution / copies / usage in court.</p> <p>खिड़की</p> <p>आज पाँच साल पुरानी बात खत्म हो जाएगी। अब नीरज अपना नया खाता फिर खोल सकता है। वह पिछला सब हिसाब साफ कर देगा। न एक पाई उधर, न एक पाई इधर।</p> <p>२१ फरवरी है आज। आज से पाँच साल पहले उसने यहीं, इसी वेटिंग रूम में कुछ देर ठहर कर बनारस वाली गाड़ी पकड़ी थी। ठीक ही कहा गया है, इतिहास अपने को दुहराता है।</p> <p>चित्रा से उसकी पहली भेंट भी इसी २१ फरवरी को हुई थी। उन दिनों ये यहाँ कॉलेज के एक ही वर्ष में थे। विषय था दर्शन शास्त्र। एम.ए. के अंतिम वर्ष तक पहुँचते हुए उन्होंने सारा जीवन एक साथ व्यतीत करने का निर्णय कर लिया था।</p> <p>नीरज का घर बनारस में था। पिता वहाँ बनारसी साडियों का अच्छा खासा कारोबार करते थे। यहाँ पटना में वह मौसाकृमौसी के घर में रहकर पढ़ रहा था। वे उसे बहुत चाहते थे। मैट्रिक बनारस में उसने कर लिया, तो मौसी ने वहीं बुलाकर कॉलेज में नाम लिखा कर अपने घर में रखा।</p> <p>समस्या चित्रा के साथ थी। वह कॉलेज में 'ब्यूटी क्वीन' के नाम से मशहूर थी, लेकिन सौन्दर्य और अहंकार शायद साथ-साथ पलते हैं। नीरज ने कभी ऐसी अभिमानी लड़की नहीं देखी थी। चित्रा ने उसे अपने योग्य धनी सहपाठियों के सामने समर्पित किया, जिससे उसके पुरुषत्व के अहं की तृप्ति हुई। चित्रा के वकील पिता ने उसकी पसंद मान ली। खिड़की Chandramohan Pradhan द्वारा हिंदी लघुकथा 2.3k 4.8k Downloads 24k Views Writen by Chandramohan Pradhan Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Khidki - Chandramohan Pradhan More Likes This Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar डायरी का वो आखरी पन्ना - 4 द्वारा Std Maurya कहानी में छुपी एक सन्देश - 1 द्वारा Std Maurya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी