"अपने को संभालना" कहानी गुरदीप खुराना द्वारा लिखी गई है। इसमें चंदर नामक व्यक्ति अपनी पेशेवर तैयारी में व्यस्त है, जो एक महत्वपूर्ण सेमिनार के लिए स्लाइड्स और नोट्स बना रहा है। उसकी पत्नी मीरा उसे बार-बार खाना खाने के लिए कहती है, लेकिन चंदर काम में इतना डूबा है कि उसकी बातों पर ध्यान नहीं दे रहा। जब मीरा फोन की लंबी बातचीत के बाद लौटती है, तो वह चिंतित लगती है। चंदर उससे पूछता है कि क्या हुआ, और मीरा बताती है कि उनकी परिचित कंचन का एक्सीडेंट हो गया है और वह अस्पताल में भर्ती है। यह सुनकर चंदर सदमे में आ जाता है और सोचता है कि उन्हें तुरंत सेमिनार के बाद अस्पताल जाना पड़ेगा। कहानी इस तनाव और चिंता के बीच आगे बढ़ती है, जहां चंदर को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारियों और काम के दबाव के बीच संतुलन बनाना होता है। अपने को संभालना Gurdeep Khurana द्वारा हिंदी लघुकथा 2.2k Downloads 11.4k Views Writen by Gurdeep Khurana Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Apne Ko Sambhalna - Gurdeep Khurana More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी