प. दीन दयाल उपाध्याय बचपन से ही अंध विश्वास के खिलाफ थे और मानते थे कि ज्ञान और शिक्षा के प्रसार से लोग मूर्ख नहीं बन पाते। उनके गाँव का तांत्रिक खजान था, जिसे लोग समस्याओं के समाधान के लिए बुलाते थे। खजान ने लोगों में डर और भ्रम फैला रखा था कि उसने भूत-प्रेत को कैद कर रखा है। एक दिन, प. दीन दयाल के परिवार का एक लड़का घर से गायब हो गया। परिवार वाले परेशान थे और खजान को बुलाने का निर्णय लिया। खजान ने पूजा कर बताया कि लड़का बुधवार को गया है, जो पहले से ही ज्ञात था। बालक दीन दयाल को समझ में आ गया कि खजान उन्हें मूर्ख बना रहा है। कुछ दिनों बाद एक औरत प्रेत-पीड़ा से ग्रस्त हो गई, और खजान उसका इलाज कर रहा था। दीन दयाल उस स्थिति को देखने गए। खजान ने कहा कि उसने तीन भूतनियों को जो औरत को सता रही हैं, पकड़ लिया है। इस प्रकार प. दीन दयाल ने अंध विश्वास के खिलाफ अपनी सोच को और मजबूत किया। पंडितजी और तांत्रिक Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 85.5k 3.5k Downloads 14.1k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पंडितजी ने तांत्रिक को कैसे सबक सिखाया More Likes This पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी