इस कहानी में लाला ब्रजकिशोर का परिचय दिया गया है, जो गरीब माता-पिता के बेटे हैं लेकिन उनके पास प्रामाणिकता, विद्या और सरलता है। वे एक वकील हैं, जो झूठे मुकदमे नहीं लेते और गरीबों की मदद करते हैं। उनकी स्वतंत्रता का कोई दुरुपयोग नहीं है और वे सत्यता को चतुराई से व्यक्त करते हैं जिससे किसी को बुरा नहीं लगता। ब्रजकिशोर का दृष्टिकोण यह है कि वे दूसरों की प्रसन्नता के लिए चुप रह सकते हैं और अपने कर्तव्यों में कोई कमी नहीं आने देते। वे बैरियों से सावधान रहते हैं लेकिन अपने मन में बैर नहीं रखते। इसके विपरीत, मदनमोहन के साथ उनका संबंध ठीक नहीं है, क्योंकि वे मदनमोहन की हानि को अपनी हानि से अधिक समझते हैं। कहानी में जेम्सवाट का उदाहरण दिया गया है, जो अपने ज्ञान को कार्य में लाने के लिए मेहनत करते थे। ब्रजकिशोर भी अपनी भूलों को स्वीकार करते हैं और सुधारने का प्रयास करते हैं, जिससे वे लोगों को आश्चर्यचकित करते हैं। कुल मिलाकर, ब्रजकिशोर एक आदर्श और नैतिक व्यक्ति हैं जो समाज के लिए सही मार्गदर्शन करते हैं। परीक्षा-गुरु - प्रकरण-23 Lala Shrinivas Das द्वारा हिंदी लघुकथा 2.7k Downloads 8.8k Views Writen by Lala Shrinivas Das Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ब्रजकिशोर कौन् हैं ? मदनमोहन की क्यों इतनी सहानुभूति (हमदर्दी) करते हैं ? अच्छा ! अब थोड़ी देर और कुछ काम नहीं है जितनें थोड़ा सा हाल इन्का सुनिये. लाला ब्रजकिशोर गरीब माँ बाप के पुत्र हैं परन्तु प्रामाणिक, सावधान, विद्वान और सरल स्वभाव हैं. इन्की अवस्था छोटी है तथापि अनुभव बहुत है. यह जो कहते हैं उसी के अनुसार चलते हैं. इन्की बहुत सी बातें अब तक इस पुस्तक मैं आचुकी हैं इसलिये कुछ विशेष लिखनें की ज़रूरत नहीं है तथापि इतना कहे बिना नहीं रहा जाता कि यह परमेश्वर की सृष्टि का एक उत्तम पदार्थ है. Novels परीक्षा-गुरु लाला मदनमोहन एक अंग्रेजी सौदागर की दुकानमैं नई, नई फाशन का अंग्रेजी अस्बाब देख रहे हैं. लाला ब्रजकिशोर, मुन्शी चुन्नीलाल और मास्टर शिंभूदयाल उन्के... More Likes This कहानी में छुपी एक सन्देश - 1 द्वारा Std Maurya मेरे समाज में ऐसा क्यों होता हैं - भाग 1 द्वारा Std Maurya ऐसे ही क्यों होता हैं? - 1 द्वारा Std Maurya एक डिवोर्स ऐसा भी - 1 द्वारा Alka Aggarwal पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी