"बहादुर तिकडम बेला" कहानी में, एक युवा उद्योगपति 'तिकडम बेला' अमेरिका की सुख-सुविधाएँ छोड़कर भारत की यात्रा करने का निर्णय लेता है। वह सोचता है कि उसने सारी दुनिया की सैर की है, लेकिन अब उसे केवल भारत की यात्रा करनी है, जिससे वह अपनी जन्मभूमि भी देख सके। वह अपने पास बड़ी मात्रा में सोने की संपत्ति लेकर निकलता है और जहाज में बैठता है। जब जहाज भारत के किनारे पहुंचता है, तो एक टिकट चेकर उससे टिकट की मांग करता है। तिकडम बेला को याद आता है कि उसने टिकट नहीं निकाला है। टिकट चेकर और उसके साथी उसे बिना टिकट यात्रा करने के लिए पकड़ लेते हैं और उसे गुनहगार मानते हैं। तिकडम बेला अपनी पहचान बताता है और कहता है कि वह भारत का निवासी है। टिकट चेकर उसे समझाता है कि विदेश में यात्रा करने के लिए वीजा और पासपोर्ट की आवश्यकता होती है। कहानी में तिकडम बेला की यात्रा की तैयारी और उसके टिकट के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया गया है। BAHADUR TIKDAM BELA kantilal jain द्वारा हिंदी लघुकथा 2.2k Downloads 7.6k Views Writen by kantilal jain Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण one of the best story book, must read More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी