नावेद एक सगाई में शामिल होने आया था, जब उसे एक फूल बेचने वाली औरत ने पूछा कि क्या उसे फूलों का टोकरा देना है। वह समझ गया कि सगाई के लिए फूलों की जरूरत है। औरत ने उसे बताया कि उसे अपनी टोकरी लानी होगी, लेकिन नावेद ने एक गुलाबी दुपट्टा उठाकर उसे दे दिया, जिस पर फूल बांध दिए गए। जब नावेद घर के अंदर गया, तो उसने नुसरत चाची को देखा, जो उसकी चाची की जान हैं। चाची ने उसका स्वागत किया और उसे आराम करने को कहा। तभी उसे नीचे से एक लड़की, समीरा, की आवाज सुनाई दी, जो अपना गुलाबी दुपट्टा ढूंढ रही थी। नावेद को याद आया कि फूलों वाली ने उसी गुलाबी दुपट्टे का इस्तेमाल किया था। नावेद चिंतित हो गया कि अगर समीरा को पता चला कि उसका दुपट्टा फूलों के साथ बंधा हुआ है, तो वह नाराज हो जाएगी। उसे जल्दी से अपनी मुसीबत से बचने के उपाय सोचने पड़े, और उसने तय किया कि उसे तुरंत दुपट्टा वापस लाना होगा। गुलाबी दुपट्टा RK Agrawal द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 29.7k 2k Downloads 11.6k Views Writen by RK Agrawal Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गुलाबी दुपट्टा More Likes This तुम भी - 1 द्वारा wang pang हमारे जैसे तो मिलेंगे, मिलेंगे हम नहीं - भाग 1 द्वारा Shivraj Bhokare Bayaan - Part 1 द्वारा Radha rani Jha दोबारा मुलाकात द्वारा Vijay Erry होटल का वेटर और उसकी प्रेम कहानी - 1 द्वारा kalpita तक़दीर के तूफ़ान और प्यार की जीत - 1 द्वारा nidhi mishra दिल की भूल - 1 द्वारा Bikash parajuli अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी