भारतेंदु हरिश्चंद्र का जन्म 9 सितंबर 1850 को काशी के एक प्रतिष्ठित वैश्य परिवार में हुआ। उनके पिता गोपाल चंद्र एक कवि थे, और भारतेंदु ने बचपन में ही कविता में रुचि दिखाना शुरू किया। उन्होंने 15 वर्ष की उम्र से साहित्य सेवा प्रारंभ की और 18 वर्ष की उम्र में 'कवि वचन-सुधा' नामक पत्रिका का प्रकाशन किया। वे आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक माने जाते हैं और कई पत्रिकाएँ और साहित्यिक संस्थाएँ स्थापित कीं। उनकी लेखनी ने हिंदी भाषा को समृद्ध किया, और उन्होंने खड़ी बोली का एक नया रूप प्रस्तुत किया। भारतेंदु का लेखन और योगदान न केवल साहित्यिक था, बल्कि वे अपने समय में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी सक्रिय रहे। 1880 में उन्हें 'भारतेंदु' की उपाधि से सम्मानित किया गया। उनका निधन 6 जनवरी 1885 को हुआ। Sarb Jaat Gopal Ki Bhartendu Harishchandra द्वारा हिंदी नाटक 4.6k 4.6k Downloads 22.5k Views Writen by Bhartendu Harishchandra Category नाटक पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ( सामान्य सा एक हाट की गहमा गहमी है। एक पंडित जी और एक क्षत्री एक साथ तकरार की मुद्रा में एक साथ उलझतेहुए दिखते है।) क्षत्री : महाराज देखिये बड़ा अंधेर हो गया कि ब्राह्मणों ने यह व्यवस्था दे दी है कि अब कायस्थ भी क्षत्री हैं। कहिए अब कैसे कैसे राज का सब काम चलेगा। पंडित : क्यों, इसमें क्या दोष हुआ ? सबै जात गोपाल की और फिर यह तो हिन्दुओं का शास्त्र तो पनसारी की दुकान है और अक्षर कल्पवृक्ष है इसमें तो सब जात की उत्तमता निकल सकती है पर दक्षिणा आप को बाएं हाथ से रख देनी पडे़गी फिर क्या है फिर तो सबै जात गोपाल की । More Likes This मेरे पास माँ है - 1 - आख़िरी सहारा द्वारा Azhar मनोज - एक ज़िद्दी लड़के की कहानी - 1 द्वारा Diljaan singh झूठ का बोझ - भाग 1 द्वारा deepanshi garg Her Silent Secret - 1 द्वारा Sonam Brijwasi सीक्रेट:वो लड़की - 1 द्वारा kanta नशे से जिंदगी तक - एपिसोड 1 द्वारा Tarun Mandavi Fake Boyfriend real Feelings - 2 द्वारा Mawaskar Pratigya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी