कहानी "पागलपन का इलाज, भाग-1" प्रदीप कुमार साह द्वारा लिखी गई है। यह कहानी बिहारी युवकों के पलायन की पृष्ठभूमि में सेट की गई है, जो आजीविका के लिए पड़ोसी प्रांतों में जाते हैं। कहानी के नायक ने कुछ दिन की छुट्टी लेकर अपने गाँव लौटने का निर्णय लिया, लेकिन वहाँ उसे अपने समवयस्कों का अभाव महसूस होता है। गाँव में केवल महिलाएँ, बच्चे और बुजुर्ग रहते हैं, जिससे नायक को अपने युवा साथियों की कमी महसूस होती है। बुजुर्गों से ज्ञान प्राप्त करने का महत्त्व होते हुए भी, नायक को उनके साथ समय बिताना कठिन लगता है, क्योंकि बच्चों का व्यवहार भी परेशान करने वाला होता है। गाँव में बुजुर्गों की स्थिति भी कठिन है, क्योंकि उनके बच्चे दूर रहते हैं और घर की बहुएँ अक्सर उनके प्रति असंतोष प्रकट करती हैं। नतीजतन, बुजुर्ग ताश खेलने और जुए में भाग लेने के लिए मजबूर होते हैं। कहानी में गाँव के माहौल का वर्णन है, जहाँ बच्चे शिक्षा के प्रति उदासीन हैं और केवल सरकारी भोजन के लिए स्कूल जाते हैं। यह कहानी ग्रामीण जीवन की कठिनाइयों और पारिवारिक संबंधों की जटिलताओं को उजागर करती है। पागलपन का इलाज,भाग-१ Pradeep Kumar sah द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 3.7k 4k Downloads 10.6k Views Writen by Pradeep Kumar sah Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण उनके माताओं को इस बात की जानकारी गाँव के टमाटर मण्डली के जरिये होती थी.दरअसल पूरे गाँव में जो थोड़े युवक थे उनकी अपनी ही ख़ास मंडली थी और उनके विचार-व्यवहार से मेरे विचार के मेल न थे.क्योंकि वह मंडली उन युवाओं से बनी थी जो या तो अमीर बाप के बिगड़ैल बेटे थे अथवा होशियार और कमाऊ बाप के निठ्ठले बेटे थे. अथवा वैसे युवक थे जो दो पैसे कमाने परदेश जरूर गये किंतु मेहनत करने से घबड़ा कर वापस गाँव लौट आये और मंडली में शामिल होकर वैसे बिगड़ैल युवक के अर्दली कर अपना खर्च चलाने लगे.यद्यपि वह विशिष्ठ या शिष्ट मण्डली न थी,किंतु वह खासम-ख़ास टमाटर टाइप मंडली आवश्य थी.उस मंडली में अच्छे खासे गुण भी थे. Novels पागलपन का इलाज उनके माताओं को इस बात की जानकारी गाँव के टमाटर मण्डली के जरिये होती थी.दरअसल पूरे गाँव में जो थोड़े युवक थे उनकी अपनी ही ख़ास मंडली थी और उनके विचार-व्य... More Likes This जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan विलनेस का पुनर्जन्म अब बदला होगा - 1 द्वारा KahaniCraft वासना दैत्य ही वासना देव है! - 1 द्वारा Krayunastra THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी