"तीन दस्तक" कहानी में एक व्यक्ति थाने से बाहर निकलता है, जहाँ उसे एक हत्या के मामले में गवाह बनाया गया है। थानेदार द्वारा पूछे गए सवाल पर वह एक महत्वपूर्ण आदमी को पहचानता है और जवाब देता है कि हाँ, वही है। इसके बाद उसे घर जाने दिया जाता है, लेकिन वह अपने आप को असुरक्षित और अकेला महसूस करता है। वह एक टैक्सी पकड़ता है और उसमें बैठते ही अपने पैरों में खुजली महसूस करता है। जूते उतारने पर उसे राहत मिलती है, लेकिन वह देखता है कि उसके पैरों से रक्त की बूंदें निकल रही हैं। इस स्थिति में वह अपने खून की गुणवत्ता को लेकर चिंतित है और अतीत की यादों में खो जाता है, जब उसका खून अधिक गाढ़ा था। कहानी उसके मानसिक संघर्ष और असुरक्षा को दर्शाती है। तीन दस्तक Ratan Chand Ratnesh द्वारा हिंदी लघुकथा 8.4k 1.6k Downloads 9k Views Writen by Ratan Chand Ratnesh Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक हत्या के चश्मदीद गवाह की क्या मानसिक स्थिति होती है, रतन चंद रत्नेश की यह यह कहानी उस ओर इशारा करती है। कहानी की शुरुआती अंश का आधार प्रसिद्ध कहानीकार मोहन राकेश की कहानी एक ठहरा हुआ चाकू है। More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी