इस कहानी में भारतीय महिलाएं आजादी के बाद भी अपनी असुरक्षा और भेदभाव का सामना कर रही हैं। लेखक ने यह बताया है कि जबकि भारत विकास की ओर बढ़ रहा है, महिलाओं को अभी भी जंजीरों में जकड़ा हुआ महसूस होता है। नारी, जो समाज का निर्माण करती है और हर क्षेत्र में योगदान देती है, आज भी अंधकार में है और खुद को कोसती है। लेखक ने नर और नारी के बीच समानता की आवश्यकता को उजागर किया है, यह बताते हुए कि दोनों एक रथ के दो पहिये हैं। फिर भी, नारी को उसके विकास में रोका जा रहा है, और उसे अपने जीने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। समाज में घटिया सोच वाले लोग बेटियों को बोझ समझते हैं और उनके साथ अत्याचार करते हैं। प्रकृति के अनुसार, नर और नारी में कोई भेदभाव नहीं है, लेकिन समाज की सोच में खोट है। कहानी में यह भी बताया गया है कि नारी को शिक्षा के क्षेत्र में भी पीछे रखने की कोशिश की जाती है, और उसे हर पल सुरक्षा का डर सताता है। अंत में, यह स्पष्ट किया गया है कि नारी को कई प्रकार के डर का सामना करना पड़ता है, जो उसकी स्वतंत्रता और विकास में बाधा डालता है। आजाद नारी - कितनी आजाद डॉ. ऋषि अग्रवाल द्वारा हिंदी पत्रिका 10.4k 4k Downloads 12.6k Views Writen by डॉ. ऋषि अग्रवाल Category पत्रिका पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आजाद नारी - कितनी आजाद.. चिन्तन और मंथन More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-85 द्वारा Rachel Abraham इतना तो चलता है - 3 द्वारा Komal Mehta जब पहाड़ रो पड़े - 1 द्वारा DHIRENDRA SINGH BISHT DHiR कल्पतरु - ज्ञान की छाया - 1 द्वारा संदीप सिंह (ईशू) नव कलेंडर वर्ष-2025 - भाग 1 द्वारा nand lal mani tripathi कुछ तो मिलेगा? द्वारा Ashish आओ कुछ पाए हम द्वारा Ashish अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी