"एक दिन का राजा" कहानी में तीन दोस्त, रग्घू, भोलू, और दीपलाल, जो अम्बेडकर कॉलोनी के हैं, शहर की व्यस्त सड़क पर घूमते हैं। वे पांच साल बाद मिले हैं और अपनी पुरानी यादों को ताजा करने निकले हैं। रग्घू बताता है कि उसे एक सोने की घड़ी मिली थी, जिसे उसने बेचकर मस्ती की। भोलू और दीपलाल भी अपनी-अपनी कहानियाँ साझा करते हैं। दीपलाल का एक विशेष अनुभव है, जिससे वह हमेशा के लिए राजा बन सकता था, लेकिन वह इसे स्पष्ट नहीं करता। कहानी दोस्ती, यादों, और छोटे-छोटे पलों की खुशी को दर्शाती है। एक दिन का राजा Sanjay Kundan द्वारा हिंदी लघुकथा 9.5k 6.4k Downloads 29.4k Views Writen by Sanjay Kundan Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण तीन गरीब दोस्त इस पर बात करते हैं कि अचानक उनके पास धन आ जाए तो उनकी किस्मत बदल जाएगी पर उनमें से एक बताता है कि उसे ऐसा मौका मिल चुका है। उसने हाथ में आए धन को ठुकरा दिया। उसे लगा कि पैसे लौटाकर उसने कहीं ज्यादा बड़ा काम किया है। क्योंकि जिसके पास धन था, वह और मामलों में बेहद लाचार था। यह कहानी धन पर मानवता को प्रतिष्ठित करती है। More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी