कहानी "बहादुर बेटी" में आरती ने अपनी मम्मी को अपने अदृश्य मित्र रॉनली और चमत्कारी सिक्के के बारे में बताया। आरती की मम्मी को इन बातों में विश्वास नहीं था, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी की योग्यता पर भरोसा किया। वे रॉनली को घर पर बुलाने की इच्छा व्यक्त करती हैं, जिससे उनकी मित्रता की जांच हो सके। आरती अकेले रॉनली का इंतजार करती है ताकि किसी प्रकार की हास्य का विषय न बने। रॉनली समय पर आता है, लेकिन अभी भी अदृश्य होता है। वह आरती को सिक्के को स्पर्श करने के लिए कहता है, जिससे एक चमकीला प्रकाश निकलता है और तीन बटन प्रकट होते हैं। जब आरती गुलाबी बटन दबाती है, तो रॉनली और उसकी दो बहनें उसके सामने प्रकट होती हैं। आरती रॉनली से सवाल करती है, जिससे उनकी दोस्ती की कहानी आगे बढ़ती है। Bahadur Beti Chapter-2 Anand Vishvas द्वारा हिंदी लघुकथा 746 2.9k Downloads 9.5k Views Writen by Anand Vishvas Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शाम को आरती ने अपनी मम्मी को चमत्कारी सिक्के, रॉनली और अपने अदृश्य होने के विषय में सब कुछ बताया। यूँ तो आरती की मम्मी को इन सभी बातों में बहुत कम विश्वास था। फिर भी उन्हें अपनी बेटी आरती की योग्यता और समझदारी पर कोई शंका भी तो नहीं थी। Novels बहादुर बेटी जिसने पुस्तक अौर पैन को घर-घर पहुँचाकर, घाटी के विकास की नई गाथा लिख दी... More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी