पांच व्यंग्य रचनाओं में पहले रचनापत्र "वाकई अमेरिका महान है" में एक व्यक्ति अपने दोस्त से अमेरिका के आर्थिक संकट पर बातचीत कर रहा है। दोस्त अमेरिका को एक विकसित और समृद्ध देश मानता है और उसकी आलोचना को गलत ठहराता है। लेखक इस पर आश्चर्यचकित है और बताता है कि अमेरिका में भी गरीबी, साम्प्रदायिकता, और सामाजिक तनाव हैं। वह यह भी बताता है कि अमेरिका विश्व में साम्प्रदायिकता और आतंकवाद को बढ़ावा देता है। लेखक अपने मित्र को यह समझाने की कोशिश करता है कि अमेरिका एक शक्तिशाली देश तो है, लेकिन उसकी नीतियाँ अच्छे नहीं हैं क्योंकि वह तीसरी दुनिया के देशों को अपने चंगुल में रखना चाहता है। इस संवाद में अमेरिका की वास्तविकता और उसके प्रभाव को लेकर एक आलोचनात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है। पांच व्यंग्य रचनाएँ Arvind Kumar द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 13.6k 3k Downloads 16.5k Views Writen by Arvind Kumar Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मेरे ये व्यंग्य आज की विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विसंगतियों पर करारा तंज़ करते हैं. ये व्यंग्य आपका मनोरंजन करने के साथ-साथ आपको आज के हालात के बारे में भी बहुत कुछ सोचने के लिए मजबूर करेंगे. More Likes This मोहल्ले की भव्य शादी - 1 द्वारा manoj मजनू की मोहब्बत पार्ट-1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik मजनू की मोहब्बत द्वारा Deepak Bundela Arymoulik सैयारा का तैयारा द्वारा dilip kumar झग्गू पत्रकार (व्यंग सीरीज) द्वारा Deepak Bundela Arymoulik देसी WWE - गांव के पहलवान बनाम विलायती दंगल ! - 1 द्वारा sachim yadav कॉमेडी का तड़का - 1 द्वारा Kaju अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी