यह व्यंग्य "पुरस्कार लौटाने की कला" में लेखक सुरजीत सिंह पुरस्कार लौटाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर कटाक्ष करते हैं। वे बताते हैं कि आजकल लोग पुरस्कार लौटाने की घोषणाएं इस तरह कर रहे हैं जैसे यह कोई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना हो। मीडिया चैनल्स भी इस पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिससे यह एक तरह की प्रतिस्पर्धा बन गई है। लेखक का कहना है कि पुरस्कार लौटाना अब एक कला बन गई है, जिसमें कुछ लोग माहिर हो चुके हैं। वे पुरस्कारों की कमी को आत्मा की अनुपस्थिति से जोड़ते हैं, यह दर्शाते हुए कि पुरस्कारों का न होना एक लेखक के लिए अत्यंत दुखदायी है। इसके अलावा, लेखक यह भी बताते हैं कि लोग सामाजिक दबाव के चलते पुरस्कार लौटाने का निर्णय लेते हैं, लेकिन वास्तव में वे खुद को इस स्थिति से बाहर निकालने में असमर्थ हैं। अंत में, लेखक एक दुविधा का सामना करते हैं कि यदि वे पुरस्कार लौटाते हैं, तो उन्हें अपने पिछले रुख का सामना भी करना पड़ेगा। इस प्रकार, कहानी में पुरस्कार लौटाने की प्रक्रिया को एक हास्यस्पद और व्यंग्यात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। पुरस्कार लौटाने की कला Surjeet Singh द्वारा हिंदी हास्य कथाएं 8.2k 2k Downloads 6.7k Views Writen by Surjeet Singh Category हास्य कथाएं पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Puraskara Lautaane ki kala More Likes This फ़ेक फ़िऑन्से चैलेंज - 1 द्वारा priyanka katiyar Rebirth of a Bench - Index द्वारा Amardeep Kumar God Wishar - 3 द्वारा Ram Make Hero - 5 द्वारा Ram Make Potty Robbers and Me - 1 द्वारा BleedingTypewriter रशीली भाभी का जलवा द्वारा Md Siddiqui चेकपोस्ट:चाणक्य - 1 द्वारा Ashish jain अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी