yesterday's matter book and story is written by Vijay Erry in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. yesterday's matter is also popular in Motivational Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. कल की बात Vijay Erry द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 1 54 Downloads 291 Views Writen by Vijay Erry Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कल की बातलेखक: विजय शर्मा एरी(लगभग 2000 शब्द)रात के बारह बज रहे थे। कमरे में सिर्फ दीवार घड़ी की टिक-टिक और पंखे की धीमी आवाज़ थी। मैं अपने पुराने लकड़ी के डेस्क पर बैठा था। सामने एक खुली डायरी पड़ी थी, जिसका पहला पन्ना अभी भी खाली था। कल का दिन इतना भारी पड़ गया था कि नींद आना नामुमकिन लग रहा था।कल की बात है…सुबह जब मैं उठा तो आसमान में बादल छाए हुए थे। बरसात का मौसम था, पर बारिश अभी रुकी हुई थी। घर के आँगन में माँ तुलसी के पौधे को पानी दे रही थीं। पिताजी More Likes This मासूम सी वो लड़की - 1 द्वारा Vandna Sharma रावण गाइड - भाग 3 द्वारा Rudra Rudrani संघर्ष और संकल्प - 1 द्वारा shiromani mathur કુત્રિમ બુદ્ધિમતા - 2 द्वारा Ramesh Desai कुत्रिम बुद्धिमता - 2 द्वारा Ramesh Desai रोशनी की दस्तक - 1 द्वारा Nisha Choudhary संघर्ष अभी जारी है द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी