विवरण
अध्याय:12संकल्पकीशक्तिऔरस्वर्णकागौरव इतिहासगवाहहैकिमहानउपलब्धियाँशारीरिकबनावटयाकद-काठीकीमोहताजनहींहोतीं,बल्किवेसुदृढ़संकल्पऔरअटूटआत्मविश्वासकापरिणामहोतीहैं।अक्सरहमारासमाजउनलोगोंकोकौतूहलयादयाकीदृष्टिसेदेखताहैजोशारीरिकरूपसेदूसरोंसेभिन्नहोतेहैं।लेकिनइसीसमाजकेबीचसेकुछऐसेनायकनिकलकरआतेहैंजोअपनीकमियोंकोहीअपनीसबसेबड़ीताकतबनालेतेहैं।ऐसीहीएकप्रेरणादायकगाथाहैयुवाएथलीटनवदीपसिंहकी,जिन्होंनेपेरिसपैरालिंपिकमेंभालाफेंक(जैवलिनथ्रो)स्पर्धामेंस्वर्णपदकजीतकरनकेवलअपनानामरोशनकिया,बल्किपूरेविश्वमेंभारतकामस्तकगर्वसेऊँचाकरदिया।नवदीपसिंहपेशेसेएकआयकरनिरीक्षक(इन्कमटैक्सइंस्पेक्टर)हैं,लेकिनउनकाजीवनचुनौतियोंसेभरारहाहै।वे'ड्वार्फिज्म' (बौनापन)केसाथजन्मेथे,जिसकेकारणउनकेशरीरकेअंगोंकाविकाससामान्यरूपसेनहींहोपाया।जबभीवेबाहरनिकलते,लोगोंकीनजरेंउनकापीछाकरतीथीं।समाजकीइसकौतूहलभरीदृष्टिनेकईबारउनकेमनोबलकोठेसपहुँचाई।यद्यपिउनकेपिताउनकेसबसेबड़ेसमर्थकथे,फिरभीदुनियाकेउपहासकेबीचखुदपरविश्वासबनाएरखनाउनकेलिएएककठिनसंघर्षथा।वेचाहतेथेकिदुनियाउन्हेंउनकीशारीरिकस्थितिकेकारणनहीं,बल्किउनकेकिसीअसाधारणकार्यकेकारणयादरखे।उनकेजीवनमेंनिर्णायकमोड़तबआयाजबउन्हेंपैरालिंपिकसंघकेअध्यक्षऔरमहानखिलाड़ीदेवेंद्रझाझरियाकामार्गदर्शनप्राप्तहुआ।झाझरियाजीनेनवदीपकेभीतरछिपेउसकौशलकोपहचानाजिसेदुनियादेखनहींपारहीथी।उन्होंनेनवदीपकोएकअद्भुतसलाहदी—आमतौरपरमानाजाताहैकिभालाफेंकनाकेवलहाथोंकाकमालहै,लेकिनझाझरियाजीनेउन्हेंसिखायाकिवेअपनेछोटेकदकीशक्तिकाउपयोगकैसेकरें।उन्होंनेसलाहदीकियदिनवदीपअपनेपैरोंकोपूरीताकतकेसाथजमीनपरपटकेंऔरउसभूमिसेउत्पन्नऊर्जाकोअपनेहाथोंकेमाध्यमसेभालेमेंस्थानांतरितकरें,तोवेइतिहासरचसकतेहैं।7सितंबरकावहदिनभारतकेखेलइतिहासमेंस्वर्णाक्षरोंमेंदर्जहोगया।नवदीपसिंहनेअपनेगुरुकीउससलाहकोमंत्रमानकरमैदानमेंकदमरखा।उन्होंनेअपनीपूरीशारीरिकऔरमानसिकशक्तिकोसमेटकरजबभालाफेंका,तोवह47मीटरसेभीअधिककीदूरीतयकरगया।यहकेवलएकभालानहींथा,बल्किउनसभीउपहासोंऔररूढ़ियोंकोदियागयाउत्तरथाजोउन्हेंकमजोरसमझतेथे।उनकीइसउपलब्धिनेसिद्धकरदियाकियदिमनमेंकुछकरगुजरनेकाजज़्बाहो,तोशारीरिकसीमाएँकभीमार्गकीबाधानहींबनसकतीं।सीख/नैतिकसंदेशयहअध्यायहमेंसिखाताहैकिकिसीभीव्यक्तिकामूल्यांकनउसकीशारीरिकबनावटकेआधारपरनहीं,बल्किउसकीयोग्यताऔरजज्बेकेआधारपरकियाजानाचाहिए। 'दिव्यांग'होनाकोईकमजोरीनहींहै,बल्कियहएकअलगप्रकारकीक्षमताहै।हमेंऐसेव्यक्तियोंकोदयाकीदृष्टिसेदेखनेकेबजायउन्हेंसम्मानऔरसमानअवसरप्रदानकरनेचाहिए।नवदीपसिंहकीसफलताहमेंयहसंदेशदेतीहैकिकठिनसेकठिनपरिस्थितियोंमेंभीयदिहमेंसहीमार्गदर्शनमिलेऔरहमखुदपरविश्वासरखें,तोहमअपनीसबसेबड़ीकमजोरीकोभीअपनीजीतकाआधारबनासकतेहैं। अध्याय:13नियतिकासंकेतऔरईश्वरीयन्याय संसारकीविशालतामेंअक्सरहमखुदकोअकेलामहसूसकरतेहैं,लेकिनजीवनकीकुछघटनाएँहमेंयहविश्वासदिलातीहैंकिकोईअदृश्यशक्तिहैजोहरजीवकीरक्षाकेलिएसदैवतत्पररहतीहै।जिसेहम'संयोग'कहतेहैं,वहवास्तवमेंनियतिकीएकसुनियोजितयोजनाहोसकतीहै।ऐसीहीएकसत्यघटनाअमेरिकाकेवेस्टवर्जीनियाकेघनेजंगलोंऔररहस्यमयीगुफाओंकेबीचघटी,जिसनेभाग्यऔरईश्वरीयकृपाकेअर्थकोएकनयाआयामदिया।यहकहानीजेसीरोशितनामकएकप्रशिक्षककीहै,जोगुफाओंकेसंरक्षणऔरसंवर्धनकाकार्यकरतेहैं।एकरविवारकीसुबह,जेसीनेबिनाकिसीविशेषकारणकेअपनेदोसाथियोंकोफोनकियाऔरएकऐसीगुफामेंजानेकानिर्णयलियाजोउसक्षेत्रकीसैकड़ोंगुफाओंमेंसबसेगहरीऔरअंधेरीथी।उसविशिष्टगुफाकोचुननेकेपीछेकोईवैज्ञानिकतर्कयापूर्वयोजनानहींथी;वहमात्रएकतात्कालिकविचारथा।जबयेतीनोंगुफाकीअगाधगहराइयोंमेंउतरे,तोउन्होंनेवहदेखाजिसकीकल्पनाभीनहींकीजासकतीथी।सामान्यतःऐसीअंधेरीगुफाओंमेंकेवलजीवोंकेअवशेषमिलतेहैं,परंतुवहाँएककुत्ताजीवितअवस्थामेंपड़ाथा।वहमूकप्राणीसांसतोलेरहाथा,लेकिनभूखऔरकमजोरीकेकारणहिलने-डुलनेमेंभीअसमर्थथा। नजानेवहकितनेदिनोंसेउसकाल-कोठरीमेंमृत्युकीप्रतीक्षाकररहाथा।जेसीऔरउनकेसाथियोंनेतुरंतअपनेकिटसेभोजननिकाला।जैसेहीकुत्तेनेभोजनकिया,उसकीआँखोंमेंजीवनकीलौफिरसेजलउठी।उन्होंनेउसेगर्मकंबलमेंलपेटाऔरबड़ीमशक्कतकेबादसुरक्षितबाहरनिकाला।अस्पतालमेंउपचारकेबादजबवहस्वस्थहुआ,तोउसकानाम'स्कारसी'रखागया।यहघटनाहमेंसोचनेपरविवशकरतीहैकिउनसैकड़ोंगुफाओंमेंसेजेसीकोउसीअंधेरीगुफाकीओरकिसनेप्रेरितकियाहोगा?उसबेजुबानकीअनसुनीपुकारकोकिसनेसुनाहोगा?यहसत्यहैकिजबईश्वरीयसत्ताहमारेजीवनमेंहस्तक्षेपकरतीहै,तोवहहमारीसमस्याओंकोसूक्ष्मतासेपरखतीहैऔरहमारेकष्टोंकानिवारणकरतीहै।भाग्यकेवलएकशब्दनहींहै,बल्किवहउसमहानशक्तिकी'कोटिंग'हैजोहमेंसहीसमयपरसहीस्थानपरपहुँचादेतीहै।यहघटनासिद्धकरतीहैकिजहाँमनुष्यकेप्रयाससमाप्तहोतेहैं,वहाँसेईश्वरकीकृपाआरंभहोतीहै।हमकभीअकेलेनहींहैं;हमारीचिंताओंकोमिटानेवालाऔरहमेंजीवनदानदेनेवालाकोईनकोईमार्गअवश्यनिकलताहै,बशर्तेहमनेककर्मकरतेरहें।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहशिक्षामिलतीहैकिहमें'नियति'और'ईश्वरीयन्याय'परअटूटविश्वासरखनाचाहिए।जीवनमेंकभीभीहताशनहींहोनाचाहिए,क्योंकिजिसेहमअपनाअंतसमझतेहैं,वहईश्वरकीओरसेएकनईशुरुआतहोसकतीहै।दयाऔरकरुणाहीवेगुणहैंजोहमेंईश्वरकेकरीबलेजातेहैं।यदिहमदूसरोंकीमददकेलिएहाथबढ़ातेहैं,तोप्रकृतिभीहमारेसंकटकेसमयकिसीनकिसीकोमाध्यमबनाकरहमारीसहायताअवश्यकरतीहै।नेककामकरतेरहें,क्योंकिआपकीभलाईकाफलनियतिकिसीनकिसीरूपमेंआपतकअवश्यपहुँचाएगी।अध्याय:14स्मृतियोंकावनऔरशाश्वतउपस्थिति जीवनऔरमृत्युइससंसारकेदोऐसेसत्यहैंजिन्हेंझुठलायानहींजासकता।अक्सरहममृत्युकोअंतमानलेतेहैं,परंतुभारतीयदर्शनहमेंसिखाताहैकिजोचलेजातेहैं,वेभीकिसीनकिसीरूपमेंहमारेआस-पासहीरहतेहैं।उनकीयादें,उनकेसंस्कारऔरउनकीस्मृतियाँहमारेजीवनकाहिस्साबनीरहतीहैं।भोपालकेभदभदाविश्रामघाटसेजुड़ीएकसत्यघटनाइसविचारकोएकनयाऔरजीवंतरूपप्रदानकरतीहै।यहकहानीहमेंबतातीहैकिकैसेएकत्रासदीकोभीमानवताऔरप्रकृतिकेकल्याणकेमार्गमेंबदलाजासकताहै।समयकेफ्लैशबैकमेंजाएँ,तोकोरोनाकीदूसरीलहरकावहदौरअत्यंतभयावहथा।उसकालखंडमेंहजारोंपरिवारोंनेअपनोंकोखोया।भोपालकेभदभदाविश्रामघाटपरहीलगभगसातहजारलोगोंकाअंतिमसंस्कारकियागया।स्थितियाँइतनीविकटथींकिलोगअपनेप्रियजनोंकेअंतिमदर्शनतकनहींकरपारहेथे,औरसंक्रमणकेभयकेकारणवेउनकीअस्थियाँऔरराखलेनेतककीस्थितिमेंनहींथे।देखतेहीदेखतेश्मशानघाटकीसमितिकेपाससातडंपरराखएकत्रितहोगई।समितिकेसामनेएकबड़ीचुनौतीथीकिइसभस्मकासम्मानजनकउपयोगकैसेकियाजाए।समितिकेसदस्योंनेएकअत्यंतसंवेदनशीलऔररचनात्मकनिर्णयलिया।उन्होंनेविचारकियाकिक्योंनइनसातहजारआत्माओंकीस्मृतिकोप्रकृतिकेसाथजोड़दियाजाए।उन्होंनेउसराखकोगोबरऔरजैविकखादकेसाथमिलाकरएकउपजाऊखादतैयारकी।श्मशानघाटसेलगीहुईबारहहजारवर्गफुटकीभूमिपरउन्होंनेवृक्षारोपणकासंकल्पलियाऔरजन्महुआ'रामस्मृतिवन'का।उनपौधोंकोसींचनेकेलिएउसराखसेबनीखादकाउपयोगकियागया,जोकभीउनप्रियजनोंकाहिस्साथीजोहमेंछोड़करचलेगएथे।आजदोवर्षबीतजानेकेबाद,जबआपउसस्थानपरजातेहैं,तोवहाँएकलहलहाताहुआहरा-भरावनदिखाईदेताहै।वहस्थानजोकभीमृत्युकेशोककासाक्षीथा,आजजीवनकीसांसेंबाँटरहाहै।वेसातहजारलोगजोचलेगए,वेआजउनपेड़ोंकेरूपमेंजीवितहैं,हमेंछायादेरहेहैंऔरपर्यावरणकोशुद्धकररहेहैं।यहघटनाहमेंसिखातीहैकिहमारेपूर्वजहमसेकभीदूरनहींहोते।पितृपक्षमेंजबहमअपनेपूर्वजोंकोयादकरतेहैं,तोयह'रामस्मृतिवन'हमेंसंदेशदेताहैकिउनकेद्वाराछोड़ीगईस्मृतियोंकोयदिहमसेवाऔरप्रकृतिकेकार्यमेंलगाएँ,तोवेसदैवहमारेबीचअमररहेंगे।सीख/नैतिकसंदेशइसअध्यायसेहमेंयहमहानशिक्षामिलतीहैकिमृत्युकेवलशरीरकाअंतहै,आत्माऔरस्मृतियोंकानहीं।हमारेपूर्वजऔरप्रियजनअपनीअदृश्यउपस्थितिसेसदैवहमाराकल्याणचाहतेहैं।यदिहमउनकेनामपरप्रकृतिकीरक्षाकरेंयासमाजकीभलाईकाकोईकार्यकरें,तोउनकीआत्माकोसच्चीशांतिमिलतीहै। 'रामस्मृतिवन'इसबातकाप्रमाणहैकिविनाशसेभीसृजनसंभवहै।हमेंअपनेजीवनमेंभीस्मृतियोंकोकेवलदुखकाकारणनहींबनानाचाहिए,बल्किउन्हेंप्रेरणाबनाकरमानवताऔरपर्यावरणकेउत्थानमेंअपनायोगदानदेनाचाहिए।अध्याय:15सीमापरशांतिऔरसमृद्धिकाअनूठाप्रयोग इतिहासऔरवर्तमानगवाहहैंकिसीमाओंपरअक्सरतनाव,संघर्षऔरअसुरक्षाकामाहौलबनारहताहै।विशेषकरजबपड़ोसीदेशोंमेंराजनीतिकअस्थिरताहो,तोसीमावर्तीइलाकोंमेंरहनेवालेनागरिकोंकाजीवनभयऔरअनिश्चिततासेभरजाताहै।पश्चिमबंगालऔरबांग्लादेशकीसीमासेसटेनदियाजिलेकाकादीपुरग्रामभीकुछसमयपहलेऐसीहीगंभीरस्थितिसेगुजररहाथा।सीमापारकेघटनाक्रमोंनेयहाँकेवातावरणकोतनावपूर्णबनादियाथा।घुसपैठ,तस्करीऔरसीमापारसेहोनेवालीसंदिग्धगतिविधियोंनेसुरक्षाबलोंऔरग्रामीणों,दोनोंकीचिंताबढ़ादीथी।ऐसीचुनौतीपूर्णपरिस्थितियोंमें३२वींबटालियनकेकमांडेंटसुजीतकुमारनेएकअत्यंतदूरदर्शीऔरसकारात्मकदृष्टिकोणअपनाया।उन्होंनेसमझाकिकेवलबलप्रयोगयापहरेदारीहीसमस्याकास्थायीसमाधाननहींहै;यदिसुरक्षाकोस्थानीयलोगोंकीसमृद्धिऔरआजीविकासेजोड़दियाजाए,तोपरिणामअद्भुतहोसकतेहैं।इसीविचारकेसाथउन्होंनेग्रामपंचायतकीएकबैठकबुलाईऔरग्रामीणोंकेसामनेएकसाहसिकप्रस्तावरखा।उन्होंनेसुझावदियाकिसीमाकीकँटीलीतारों(फेंसिंग)परहीमधुमक्खीपालनशुरूकियाजाए।शुरुआतमेंयहविचारथोड़ाकठिनलगा,लेकिनबीएसएफकेसहयोगऔरमहिलाओंकेसंकल्पनेइसेहकीकतमेंबदलदिया।लगभग४किलोमीटरलंबेबॉर्डरकेइलाकेमें२००सेअधिकमधुमक्खीकेबक्से(बी-बॉक्स)लगाएगए।देखतेहीदेखतेउनमहिलाओंकोनकेवलएकनयारोजगारमिला,बल्किमधुमक्खियोंकीउपस्थितिनेघुसपैठियोंकेलिएभीएकप्राकृतिकबाधाखड़ीकरदी।इसकेसाथही,कमांडेंटनेगाँवकेबेरोजगारयुवाओंकोबॉर्डरकेकिनारेछोटे-छोटेगड्ढेखोदकरमछलीपालनकरनेकेलिएप्रोत्साहितकिया।आजवहांलगभग४०ऐसेतालाबहैंजहाँग्रामीणसफलतापूर्वकमछलीपालनकररहेहैं।इसअनूठेप्रयोगकापरिणामयहहुआकिजिससीमापरकभीतनावऔरअपराधकासायारहताथा,वहांआजशांतिऔरखुशहालीकीलहरहै।मधुमक्खीपालनऔरमछलीपालनजैसीगतिविधियोंकेकारणसीमावर्तीइलाकोंमेंलोगोंकीआवाजाहीबढ़गई,जिससेघुसपैठऔरतस्करीजैसीगतिविधियोंपरअपनेआपलगामलगगई।यहघटनासिद्धकरतीहैकिरचनात्मकसोचऔरसामुदायिकसहयोगकेमाध्यमसेसबसेकठिनसमस्याओंकासमाधानभीशांतिपूर्णढंगसेनिकालाजासकताहै।सीमाएंअबकेवलअलगावकाप्रतीकनहीं,बल्किविकासऔरभाईचारेकाआधारबनगईहैं।सीख/नैतिकसंदेशयहअध्यायहमेंयहमहानशिक्षादेताहैकिसंकटऔरतनावकीस्थितिमेंभीयदिहमधैर्यऔरसकारात्मकताकामार्गचुनें,तोविनाशकोविकासमेंबदलाजासकताहै।समाजऔरप्रशासनकेबीचकासहयोगअसंभवकोभीसंभवबनादेताहै।सुरक्षाकेवलहथियारोंसेनहीं,बल्किलोगोंकेविश्वासऔरउनकीखुशहालीसेभीसुनिश्चितकीजासकतीहै।हमेंसदैवयहप्रयासकरनाचाहिएकिहमअपनीसमस्याओंकाऐसासमाधानढूंढेंजिससेसमाजकाआर्थिकऔरसामाजिकउत्थानहोसके।सकारात्मकसोचहीउज्ज्वलभविष्यकीकुंजीहै।