debt diary book and story is written by palak baisla in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. debt diary is also popular in Motivational Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. कर्ज़ की डायरी palak baisla द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 681 Downloads 2k Views Writen by palak baisla Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुरेश विदर्भ के एक छोटे से गाँव का गरीब किसान था। उसके पिता की दो साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। पिता अपने पीछे दो एकड़ बंजर जमीन और ऊपर से पाँच लाख रुपये का कर्ज़ छोड़ गए थे। यह कर्ज़ गाँव के साहूकार हरिराम से लिया गया था।सुरेश ने दिन-रात खेत में मेहनत की, पर पैदावार इतनी नहीं होती थी कि घर चल सके और कर्ज़ भी चुक सके। उसकी पत्नी सुनीता ने तो अपने सारे गहने तक बेच दिए थे, फिर भी साहूकार का ब्याज बढ़ता ही जा रहा था। साहूकार हर हफ्ते उसके दरवाजे पर More Likes This रोशनी की दस्तक - 1 द्वारा Nisha Choudhary संघर्ष अभी जारी है द्वारा Vandna Sharma AYESHA - एक अधूरी नहीं, फिर से शुरू हुई ज़िंदगी द्वारा Kaushik dave तनाव से सफलता तक का सफर - भाग 1 द्वारा Nisha Choudhary जिसकी बात सुनी नहीं गई (भाग 1) द्वारा Shivam Kumar Pandey मेरी जीवन-यात्रा: अखण्ड ज्योति का चमत्कार - 1 द्वारा Poonam Jain पिता जी - भाग 1 द्वारा Nisha Choudhary अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी