Dhundh ke Pichhe - 1 book and story is written by Shaziya Khan in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Dhundh ke Pichhe - 1 is also popular in Thriller in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. धुंध के पीछे - 1 Shaziya Khan द्वारा हिंदी थ्रिलर 299 Downloads 951 Views Writen by Shaziya Khan Category थ्रिलर पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कहते हैं कि अंधी आँखें दुनिया का कोई रंग नहीं देख सकतीं। न उजाला, न कफ़न का सफेद रंग और न ही हाथों पर लगा खून का लाल धब्बा। लेकिन क्या वाकई रोशनी के चले जाने से सच भी अंधा हो जाता है? या फिर कभी-कभी आँखें न होना एक वरदान बन जाता है, क्योंकि तब आप इंसानों के चेहरों को नहीं, बल्कि उनके झूठ की गंध और उनके कदमों के फरेब को सुनने लगते हैं।यह कहानी है मुस्कान की। एक ऐसी लड़की जिसकी दुनिया सिर्फ सन्नाटों, आहटों और खुशबुओं के सहारे चलती थी। उसे नाज़ था अपनी इस महफूज़ More Likes This जुनून - 1 द्वारा Nehal Jain धुंध के पीछे - 1 द्वारा Shaziya Khan अनंत के उस पार - 1 द्वारा Shivam Dalvadi काफला यूँ ही चलता रहा - 7 द्वारा Neeraj Sharma 1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 8 द्वारा RAAHULL SHARMA शापित मुहर - 1 द्वारा Shanaya khan Shakti ke Shiv - 8 द्वारा sheetal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी