अभी नहीं... book and story is written by prem chand hembram in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. अभी नहीं... is also popular in Spiritual Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. अभी नहीं..... prem chand hembram द्वारा हिंदी आध्यात्मिक कथा 180 498 Downloads 1.4k Views Writen by prem chand hembram Category आध्यात्मिक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अभी नहीं...गाँव के किनारे एक विशाल पीपल का वृक्ष था। उसकी फैली हुई शाखाएँ दूर-दूर तक शीतल छाया बिखेरती थीं। पक्षियों का कलरव, पत्तों की सरसराहट और उसके नीचे पसरी हुई शांति मानो थके हुए मन को विश्राम देने के लिए ही बनी थी।एक दिन उसी वृक्ष के नीचे एक वृद्ध संत आकर ठहरे। उनके मुख पर तप का तेज था और आँखों में करुणा की अथाह गहराई। वे अधिक बोलते नहीं थे, पर उनके पास बैठने मात्र से लोगों के मन का बोझ हल्का हो जाता था।धीरे-धीरे गाँव के लोग उनके पास आने लगे। कोई धर्म की चर्चा सुनता, More Likes This दोस्ती द्वारा Kapil Tiwari अमृत वाणी - संत वाणी - 6 द्वारा Nitya Oswal कर्मशील मनुष्य द्वारा GANESH TEWARI 'NESH' (NASH) आध्यात्मिक दर्शन - प्रस्तावना द्वारा Janshi Saroha गीता आज के इंसान के लिए - ( अध्याय -1) द्वारा Shivraj Bhokare श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 1 द्वारा Janshi Saroha पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 8 द्वारा Sonam Brijwasi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी