hot afternoon book and story is written by prem chand hembram in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. hot afternoon is also popular in Women Focused in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. तपती दोपहरी prem chand hembram द्वारा हिंदी महिला विशेष Writen by prem chand hembram Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण तपती दोपहरीबैसाख की तपती दोपहरी…आसमान से आग बरस रही थी।ऐसा समय, जब लोग घर से बाहर निकलने से भी कतराते हैं।पुराने बाज़ार के एक कोने में राजू अपनी रिक्शा लेकर खड़ा था।सामने सत्तू की छोटी-सी दुकान…जहाँ इक्का-दुक्का लोग आकर प्यास बुझा रहे थे।राजू का मन लस्सी पीने का हुआ।उसने जेब टटोली…कुछ सिक्के… कुछ मुड़े हुए नोट…“इतने में तो बस सत्तू ही मिलेगा…”उसने एक लंबी साँस ली—“नहीं… अभी नहीं…”इच्छा को दबाकर वह आगे बढ़ गया।रामविलास—पुराने बाज़ार का नामी व्यापारी।मीठी बोली, हँसमुख चेहरा…सालों की मेहनत से खड़ी की गई दुकान।राजू वहीं काम करता था।ईमानदार, फुर्तीला और चुपचाप अपना काम करने वाला।कभी-कभी More Likes This बिल्ली जो इंसान बनती थी - 17 द्वारा Sonam Brijwasi जंगल - 36 द्वारा Neeraj Sharma ममता ...एक अनुभूति... - 1 द्वारा kalpita हथकड़ी - 3 द्वारा Ashish Bagerwal सपनों की डोली। - 1 द्वारा softrebel अदृश्य पीया - 16 द्वारा Sonam Brijwasi ज़ख्मों की शादी - 5 द्वारा Sonam Brijwasi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी