afternoon dream book and story is written by Vijay Erry in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. afternoon dream is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. तीसरे पहर का सपना Vijay Erry द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 336 Downloads 918 Views Writen by Vijay Erry Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ---तीसरे पहर का सपनाप्रस्तावनातीसरा पहर — दिन का वह समय जब सूरज अपनी तपिश खोने लगता है, खेतों में काम करने वाले किसान घर लौटने की तैयारी करते हैं, और गाँव की गलियों में बच्चों की किलकारियाँ गूँजती हैं। यह पहर अक्सर थकान और विश्राम का होता है, लेकिन कभी-कभी यही समय जीवन की सबसे गहरी दस्तक बन जाता है।---पहला दृश्य: नीम की छायारामकिशन अपने आँगन में बैठा था। नीम की शाखों से छनकर आती धूप उसके चेहरे पर पड़ रही थी। उसकी आँखों में चिंता थी। बेटी सुहानी महीनों से शहर में पढ़ रही थी, पर कोई खबर नहीं।गीता More Likes This अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अम्मा - 1 द्वारा Nandini Agarwal Apne Kalam Sein नफ़रत वाला पति, मोहब्बत वाली ज़िंदगी - 2 द्वारा Rameshvar Gadiya When Miracles Happen - 1 द्वारा fiza saifi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी