UJJAIN EXPRESS - 4 book and story is written by Lakhan Nagar in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. UJJAIN EXPRESS - 4 is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. उज्जैन एक्सप्रेस - 4 Lakhan Nagar द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 96 Downloads 318 Views Writen by Lakhan Nagar Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण "कुछ लोग मौत से डरते हैं... और कुछ लोग हर रोज़ उसी से मिलने की तैयारी करते हैं।" रात 11:49 PM — उज्जैन जंक्शन। प्लेटफॉर्म की आखिरी बेंच पर एक साया बैठा था। अंधेरे में धुंधली-सी आकृति, जिसे देखकर कोई राहगीर भी डर जाए। लेकिन वो डर किसी और का नहीं था — खुद उस इंसान का था, जो हर रोज़ खुद से लड़ता था, और हर बार हार जाता था। उसके चेहरे पर थकान नहीं, खालीपन था। वो खालीपन जो तब आता है जब इंसान सब कुछ खो चुका होता है — प्यार, इज्ज़त, और अपनी Novels उज्जैन एक्सप्रेस "कभी-कभी ज़िंदगी से भागने वाले, सबसे ज़्यादा ज़िंदा महसूस करने वाले होते हैं..." यह उपन्यास एक प्रेम कथा नहीं है, न ही कोई रहस्यपूर्ण थ्रिल... More Likes This देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana सुकून - भाग 1 द्वारा Sunita आरव और सूरज द्वारा Rohan Beniwal विक्रम और बेताल - 1 द्वारा Vedant Kana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी