four friends book and story is written by Ravi Bhanushali in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. four friends is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. चार सहेलीयाँ Ravi Bhanushali द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 369 Downloads 1k Views Writen by Ravi Bhanushali Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण चार सहेलियाँशहर के एक साधारण से मोहल्ले में चार सहेलियाँ रहती थीं — आशा, पायल, नेहा और साक्षी। चारों अलग-अलग स्वभाव की थीं, लेकिन उनकी दोस्ती में एक अजीब-सी मजबूती थी, जो समय के साथ और गहरी होती चली गई।आशा सबसे बड़ी थी। जिम्मेदार, समझदार और हर बात को गहराई से सोचने वाली। घर और दोस्तों के बीच संतुलन बनाकर चलना उसे अच्छे से आता था। पायल चंचल थी, हँसमुख और हर किसी को हँसाने वाली। उसके चेहरे की मुस्कान सबसे उदास इंसान को भी खुश कर देती थी। नेहा पढ़ाई में तेज थी और अपने लक्ष्य को लेकर बहुत More Likes This रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana सुकून - भाग 1 द्वारा Sunita आरव और सूरज द्वारा Rohan Beniwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी