Funny book and story is written by mukesh more in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Funny is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. मजाकिया mukesh more द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 5.3k 1.4k Downloads 4.5k Views Writen by mukesh more Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गाँव का नाम था बड़गाँव और उस गाँव की सबसे हल्की चीज़ थी वहाँ की हवा… और सबसे भारी चीज़ मज़ाकिया की बातें। मज़ाकिया, यानी गोवर्धन,नाम तो गोवर्धन रखा गया था, लेकिन किसी ने वो नाम कभी पुकारा नहीं।बचपन से ही कुछ ऐसा कि जब लोग रोते, वह हँसता था। जब लोग चुप रहते, वह कुछ ऐसा कह देता कि सब लोटपोट हो जाते।उसकी माँ कहा करती थी, “इस लड़के का तो जनम ही मज़ाक में हुआ है… प्रसव पीड़ा में डॉक्टर आया ही नहीं, और ये खुद ही बोल उठा, ‘चिंता मत करो, मैं बाहर आ ही रहा हूँ!’”पाँच More Likes This अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अम्मा - 1 द्वारा Nandini Agarwal Apne Kalam Sein नफ़रत वाला पति, मोहब्बत वाली ज़िंदगी - 2 द्वारा Rameshvar Gadiya When Miracles Happen - 1 द्वारा fiza saifi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी