ek thali Khana book and story is written by kajal Thakur in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. ek thali Khana is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. एक थाली खाना kajal Thakur द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 4.1k 1.2k Downloads 3k Views Writen by kajal Thakur Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गाँव का नाम था — सूरजपुर। वहाँ एक बूढ़ी माँ रहती थी, नाम था सावित्री देवी। उनके तीन बेटे थे – राजेश, सुरेश और महेश। तीनों शादीशुदा थे और अलग-अलग रहते थे। माँ पहले सबके साथ रहती थीं, लेकिन धीरे-धीरे हर बेटे ने उन्हें "थोड़े समय" के लिए अपने घर से बाहर कर दिया।अब माँ अकेली एक झोपड़ी में रहती थीं। कमज़ोर शरीर, धुंधली आँखें, और सूखी रोटियों में दिन कटते थे। गाँव के लोग देखकर अफ़सोस करते, पर बेटे व्यस्त थे – कभी ऑफिस, कभी बच्चे, कभी बीवी।एक दिन गाँव के स्कूल में “संयुक्त परिवार और बुजुर्गों का सम्मान” More Likes This रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana सुकून - भाग 1 द्वारा Sunita आरव और सूरज द्वारा Rohan Beniwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी