my parental home book and story is written by उषा जरवाल in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. my parental home is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. पीहर उषा जरवाल द्वारा हिंदी लघुकथा 3.3k 3k Downloads 11.2k Views Writen by उषा जरवाल Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण माँ से मायका .... पिता से पीहर, और भी न जाने कितने ही नाम हैं – बाबुल के आँगन के वह आँगन जहाँ वह चिड़िया – सी चहकती है और एक दिन अपने पिया का आँगन महकाने के लिए उसी आँगन को छोड़कर चली जाती है जो आँगन कभी उसकी किलकारियों से गूँजा करता था, कभी उसकी नटखट – सी शरारतों से मुस्कुराया करता था, कभी उसकी अल्हड़ – सी अठखेलियों से खिल जाया करता था, कभी उसकी मासूमियत से भर जाया करता था, आज वही आँगन उसे पराया लगने लगा है माँ और पिता से ही More Likes This मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी