Shoharat ka Ghamand - 115 book and story is written by shama parveen in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Shoharat ka Ghamand - 115 is also popular in Women Focused in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story.
शोहरत का घमंड - 115
shama parveen
द्वारा
हिंदी महिला विशेष
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विवरण
आर्यन की आँखें गुस्से से लाल होती है और वो बहुत ही गुस्से में होता है और अरुण का कॉलर पकड़े रहता है। अरुण भी डर जाता है और डरते डरते बोलता है, "यार देख इसमें मेरी कोई भी गलती नहीं है, कल रात मै तेरे पास ही आ रहा था, तभी मेरे बाप ने मुझे पकड़ लिया और लेक्चर देने लगा और तो और फोन भी छीन लिया, तो फिर मैं क्या कर सकता था "।तब आर्यन बोलता है, "मुझे कल अकेले जाना पड़ा क्लब "।तब अरुण थोड़ा सा दूर होते हुए बोला, "यार तू बोल तो ऐसे रहा
आलिया का आज कॉलेज में आखिरी दिन है। इसलिए आज वो कॉलेज में पार्टी कर रही है सभी के साथ क्योंकि अब वो कॉलेज नही आयेगी। अब वो एग्जाम देगी और उसके बाद कॉल...
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