Pagal - 45 book and story is written by कामिनी ‘त्रिवेदी’ झा in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Pagal - 45 is also popular in Love Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. पागल - भाग 45 Kamini Trivedi द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 6.7k 3.5k Downloads 6.9k Views Writen by Kamini Trivedi Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण भाग–४५ अगली सुबह ,, मिहिर और जीजू उस बताए एड्रेस के लिए होटल से निकलते है । जैसे ही वो लोग उस घर से 500 मीटर के करीब पहुंचे । जीजू को एक अनजाने नंबर से कॉल आया। "हेलो" "हेलो ,साहेब , मैं वो चाय वाला , आपने जो मैडम का चित्र हमको दिखाया था ना , ऊ मैडम अभी हमरी छोटी सी लारी पर दुबारा चाय पीने आई है । आप जल्दी से आ जाइए हम उनको किसी तरह अटका कर रखने का कोशिश करेंगे साहेब, मगर जल्दी आइएगा।" "ओके ओके" "मिहिर जल्दी चल चाय की टपरी फटाफट" "क्या Novels पागल पागल,, हां सही नाम से पुकारा करता था वो मुझे। (हंसते हुए) पागल ही तो हूं मैं उसके लिए , उसके पीछे , उसके प्यार में।" रात के 1 बज चुके थे । आंखो... More Likes This Ishq ka Ittefaq - 1 द्वारा Alok चांदनी रात का वादा द्वारा kajal jha Life is not Easy For me - 1 द्वारा Priya kashyap सीप का मोती - 1 द्वारा manasvi Manu जिस्म नहीं… इजाज़त चाहिए - 1 द्वारा Anshu Gupta Obsession - 1 द्वारा Bharti 007 इश्क़ तेरा मेरा - 1 द्वारा Bella अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी