Prafulla Katha - 23 book and story is written by Prafulla Kumar Tripathi in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Prafulla Katha - 23 is also popular in Biography in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story.
प्रफुल्ल कथा - 23
Prafulla Kumar Tripathi
द्वारा
हिंदी जीवनी
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विवरण
आकाशवाणी इलाहाबाद केंद्र पर जबरन दूसरी बार भेज दिए जाने और उस अवधि में वहाँ बेमन से काम करने के बाद मैनें 13 जुलाई 1984 को समान पद पर आकाशवाणी गोरखपुर ज्वाइन कर लिया | यहाँ मेरे सहकर्मी के रूप में कुछ नए लोग भी आ चुके थे |जैसे - वी० के० श्रीवास्तव, दिनेश गोस्वामी , अनिल भारती,बृजेन्द्र नारायण,सुनीता काँजीलाल , विनय कुमार आदि | मुझे केंद्र पर एडजेस्टमेंट की कोई दिक्कत ही नहीं थी |जाना पहचाना केंद्र था ,जाने पहचाने लोग थे | कवि–संपादक डा०धर्मवीर भारती ने अपनी कविता “मैं क्या जिया” में जीवन की परिभाषा कुछ इस प्रकार
मेरा जन्म गोरखपुर से लगभग 20 कि.मी.दूर खजनी के एक गाँव विश्वनाथपुर में को हुआ था | यह गाँव सरयूपारीण ब्राम्हणों के सुप्रसिध्ध गाँव सराय तिवारी का ही ए...
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