Me and my feelings - 95 book and story is written by Darshita Babubhai Shah in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Me and my feelings - 95 is also popular in Poems in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story.
में और मेरे अहसास - 95
Darshita Babubhai Shah
द्वारा
हिंदी कविता
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विवरण
सर्दी के दिन अपना रंग दिखाने लगे हैं l लोग घरों में बंध रह दिन बिताने लगे हैं ll सारे बदन को ठंडा किया बेदर्दी मौसम ने l ठिठुरते है फ़िर भी साथ निभाने लगे हैं ll सूरज आंख मिचोली खेले परेशान हैं लोग l ऊनी स्वेटर, मफ़लर पहनो सिखाने लगे हैं ll हाथ और पैर ठिठुर गये हैं ठंड की वजह से l जहां देखो वहां गर्म चाय को पिलाने लगे हैं ll बाहिर ठंडी घर में भी ठंडी जैसे हो कोहराम l सर्दी के दिन भैया भीतर से हिलाने लगे हैं ll १६-१-२०२४
में और मेरे अहसास भाग-१ *** ईश्क में तेरे जोगन बन गई lआज राधा जोगन बन गई ll *** गरघर कीदीवार केकर्णहोतेकोई घरखड़ाना होता ll *** काटे नहीं कटता एक पल यह...
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