Samarpan book and story is written by prabha pareek in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Samarpan is also popular in Fiction Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. समर्पण prabha pareek द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 1.4k 1.9k Downloads 5k Views Writen by prabha pareek Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण समर्पण तृप्ति आखिर पहुंच ही गई उस घर के दरवाजे तक| राज्य परिवहन की बस से उतरते समय कंडक्टर ने तृप्ति को रास्ता तो बता ही दिया था। पहाड़ी रास्ते से होते हुए तीन किलोमीटर तक चलने के बाद पहुंचा जा सकता था। तृप्ति छोटा सा बैग उठाए चलने लगी। रास्ते में होटल वाले से शाम को रुकने की बात करके आगे बढ़ गई। सघन हरियाली, मधुर वातावरण पर मन में व्यग्रता। राह में लोगों से पता More Likes This THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी