Gudahal ke Phool book and story is written by Yogesh Kanava in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Gudahal ke Phool is also popular in Thriller in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. गुड़हल के फूल Yogesh Kanava द्वारा हिंदी थ्रिलर 2.3k 2k Downloads 5.1k Views Writen by Yogesh Kanava Category थ्रिलर पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सरदार बलजिंदर सिंह के फार्म हाउस में पिछले 15 बरस में कभी कोई औरत नहीं आई थी । आज फार्म हाउस के गेट से एक गोरी सी मैम को आते हुए देख सरदार बलजिंदर सिंह थोड़ा सा चौकन्ना सा हुआ वोसोचने लगा चंडीगढ़ से 20 किलोमीटर दूर मेरे फार्म हाउस में ए गोरी मेम क्यों आई है , कौन है ? कई तरह के सवाल उसके मन में उमड़ रहे थे । वो सोच रहा था लेकिन उन सवालों का जवाब उसके पास नहीं था वह जवाब तोवह आने वाली महिला ही दे सकती थी।सरदार । कई रंग के गुड़हल More Likes This मजबूरी का सौदा: एक अनकही शर्त - 1 द्वारा Abantika ये कहाँ आ गए हम - 1 द्वारा Shristi Tiwari पंखो में बंधा प्रेम द्वारा Pooja Singh मेरी हो तुम - 2 द्वारा Pooja Singh W22 THE Door That Should NOT Exist - 1 द्वारा Ravi Bhanushali शापित प्रेम की छाया - 1 द्वारा mamta Whisper in The Dark - 1 द्वारा priyanka jha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी