Mujhe Sangharsh karna hai book and story is written by Yogesh Kanava in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Mujhe Sangharsh karna hai is also popular in Women Focused in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. मुझे संघर्ष करना है Yogesh Kanava द्वारा हिंदी महिला विशेष 643 2k Downloads 4.8k Views Writen by Yogesh Kanava Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अकेलापन व्यक्ति को बहुत कुछ सिखाता है । अपने अकेलेपन से मैंने भी बहुत कुछ सीखा है । अकेली औरत के लिए समाज में जीवन निर्वाह करना काफी मुश्किल हो जाता है । ज़माने की सारी निगाहें औरत के भौतिक धरातल को टटोलती, कुछ खोजती सी और अपने ही हिसाब से अर्थ निकालती सी ।जिसको जो अर्थ निकालना है ,जो कहना है, वह वही कहता रहता है।जितने सर उतने ही विचार । पुरुष अकेले रहता है तो संभवतः इतनी बातें नहीं बनती हैंलेकिन औरत अगर अकेली रहे तो समाज उसे सहारा देने के बजाय उसका जीना दूभर कर देता है More Likes This चंदेला - 3 द्वारा Raj Phulware फूल की किस्मत - 1 द्वारा KANKSHA VASNIK जहरीला घुंगरू - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अनकही मोहब्बत - 6 द्वारा Kabir इंतेक़ाम - भाग 17 द्वारा Mamta Meena तन्हाई - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik शंम्मो जान भाग- 1 द्वारा Lakshmi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी