हडसन तट का ऐरा गैरा - 34 Prabodh Kumar Govil द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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हडसन तट का ऐरा गैरा - 34

Prabodh Kumar Govil मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी

रात गहराने लगी थी। शाम का झुटपुटा देखते- देखते घने पेड़ों के पीछे ओझल हो चुका था। आसमान में जुगनू से टिमटिमाते तारे धीरे- धीरे बढ़ते जा रहे थे। नीरव सन्नाटा सा पसरने लगा था क्योंकि सारा जगत दिन ...और पढ़े


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