Prithudaka Tirtha book and story is written by Gurpreet Singh in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Prithudaka Tirtha is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. पृथुदक तीर्थ Guri baba द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 3.2k Downloads 9k Views Writen by Guri baba Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पिहोवा का इतिहास ___________________________पेहवा (Pehowa) या पेहोवा या पिहोवा भारत के हरियाणा राज्य के कुरुक्षेत्र ज़िले में स्थित एक नगर है। इसका पुराना नाम पृथूदक (Prithudak) था। यह एक हिन्दू तीर्थ हैकुरुक्षेत्र महाभारत की युद्ध भूमि रही है। जहां कई सगे संबंधी मारे गए थे। तब युद्ध की समाप्ती के बाद पांडवों ने भगवान श्री कृष्ण के साथ मिल कर अपने सगे संबंधियों की आत्मा को शांति पहुंचाने के लिए पिहोवा की धरती पर ही श्राद्ध किया था। तब से पिहोवा को पितरों का तीर्थ स्थल माना जाने लगा हैपिहोवा को उच्च महत्व का धार्मिक स्थान माना जाता है और More Likes This राहें - 9 द्वारा shiromani mathur एक घरवाली, चार बाहरवाली द्वारा sukhvinder Singh Rai धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी