own home book and story is written by Asha Parashar in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. own home is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. अपना घर Asha Parashar द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 2.2k 2.5k Downloads 7.7k Views Writen by Asha Parashar Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण वह सिर्फ दो दिन के लिए जबलपुर आयी थी, वहाँ के कन्या महाविद्यालय में बाह्म परीक्षक के रूप में। पर आज आठ दिन हो गये हैं, उसका मन ही नहीं कर रहा वापस घर जाने का! पाँच वर्ष पहले आयी थी बाऊजी के देहावसान पर। अम्मा के जाने के बाद बाऊजी ही एकमात्र मायके का आकर्षण थे। सुधा भाभी-राकेश भैया से दिन त्यौहार पर औपचारिक बातें हो जाती थीं। राकेश भैया का एक छोटा-मोटा कोचिंग संेटर है और सुधा भाभी एक निजी विद्यालय में पढ़कर भैया का हाथ बंटाती हैं। बकौल जतिन, “उनके रहने का स्तर निम्न मध्यम वर्ग का More Likes This टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अम्मा - 1 द्वारा Nandini Agarwal Apne Kalam Sein नफ़रत वाला पति, मोहब्बत वाली ज़िंदगी - 2 द्वारा Rameshvar Gadiya When Miracles Happen - 1 द्वारा fiza saifi पर्दे के पीछे - 1 द्वारा ARTI MEENA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी