मूलपूंजी - भाग दो Shwet Kumar Sinha द्वारा यात्रा विशेष में हिंदी पीडीएफ

मूलपूंजी - भाग दो

Shwet Kumar Sinha मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी यात्रा विशेष

...“टिकट दिखाइए? रो क्यूं रहे हैं? कोई परेशानी है तो मुझे बताएं?” – टीटीई ने सहानुभूति से कहा। पर जीवन के पचास बसंत देख चुके उन दम्पत्ति यात्री के आंसू न थमे। पहले तो लक्ष्मण को लगा कि बिना ...और पढ़े


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