भक्ति माधुर्य - 7 Brijmohan sharma द्वारा आध्यात्मिक कथा में हिंदी पीडीएफ

भक्ति माधुर्य - 7

Brijmohan sharma मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी आध्यात्मिक कथा

7सूरदास – भक्ति रस परम माधुर्य अब हों नाच्यौ बहुत गोपाल। काम क्रोध कौ पहिरि चोलना, कंठ विषय की माल॥ महामोह के नूपुर बाजत, निन्दा सब्द रसाल। भरम भरयौ मन भयौ पखावज, चलत कुसंगति चाल॥ तृसना नाद करति घट ...और पढ़े


अन्य रसप्रद विकल्प

-->