कोट - १० महेश रौतेला द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

कोट - १०

महेश रौतेला मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

कोट-१०एक रात चश्मेवाला अचानक मेरे कमरे में प्रकट हुआ। उसने मेरे से पूछा," तुम्हारा कोट कहाँ है?" मैंने अलमारी से निकाल कर उसे कहा ये है। उसने कोट लिया और स्वयं पहन लिया। मैंने कहा कोट बहुत मैला ...और पढ़े


अन्य रसप्रद विकल्प