वह अब भी वहीं है - 23 Pradeep Shrivastava द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

वह अब भी वहीं है - 23

Pradeep Shrivastava मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

भाग -23 मैं और छब्बी इंतजार ही करते रह गए कि, वो हमें डांटे-फटकारें, नौकरी से बाहर कर दें। उनके आने के दूसरे ही दिन तोंदियल भी आ गया। अब हम-दोनों कई दिन तक बड़ा अटपटा सा महसूस करते ...और पढ़े


अन्य रसप्रद विकल्प