वह अब भी वहीं है - 6 Pradeep Shrivastava द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

वह अब भी वहीं है - 6

Pradeep Shrivastava मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

भाग - 6 समीना फिर वह दिन भी आया, जब मेरा मन सेठ के प्रति घृणा से भर गया, और मैं तन्खवाह मिलते ही रात में ही अपना बोरिया-बिस्तर समेट कर रफूचक्कर हो लिया। इतनी घृणा इसलिए हुई कि, ...और पढ़े


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