वह अब भी वहीं है - 2 Pradeep Shrivastava द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

वह अब भी वहीं है - 2

Pradeep Shrivastava मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

भाग - 2 मेरी भाभी असल में बहुत खुशमिजाज, खुले दिमाग वाली साफ ह्रदय महिला थीं। और मैं उनकी हंसी-मजाक का अर्थ कुछ और ही लगा बैठा था। विलेन बनने के अपने सपने को लेकर मैं उनसे बतियाता था। ...और पढ़े


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