मृग मरीचिका - 1 श्रुत कीर्ति अग्रवाल द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

मृग मरीचिका - 1

श्रुत कीर्ति अग्रवाल मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

खंड-1 शतरंज की बिछी हुई बिसात पर सबको मोहरा बना कर खेलती हुई प्रकृति कितनी निष्ठुर हो उठी होगी जब उसने मानव मन के अंदर 'प्यास' के अंकुर रोपे होंगे कि अपनी स्थिति से सदैव असंतुष्ट, थोड़ा सा और ...और पढ़े


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