गुनाहों का देवता - 29 Dharmveer Bharti द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

गुनाहों का देवता - 29

Dharmveer Bharti मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

भाग 29 ''आयी हैं, देखो न! कुछ तबीयत खराब हो गयी है। जी मितला रहा है।'' और उसने बाथरूम की ओर इशारा कर दिया। सुधा बाथरूम में बगल में लोटा रखे सिर झुकाये बैठी थी-''देखो! देखती हो?'' कैलाश बोला, ...और पढ़े

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