विशाल छाया - 4 Ibne Safi द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

विशाल छाया - 4

Ibne Safi मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

(4) हमीद ने दो एक बार सर को झटका दिया और फिर उठ कर दबे पाँव केबिन से बाहर निकला। उसका अनुमान गलत सिद्ध हुआ। यह लांच नहीं बल्कि एक छोटा सा स्टीमर था, जिसके शीशे चढ़े हुए थे। ...और पढ़े

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